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Friday, 11 September 2015

बिहार क भूकंप
                          अओर
                  दरभंगा राज

      


                                                              अनुवादक

                                                       रमन दत्त झा 







इतिहास सर्वोतम श्रोत अछि   ज्ञान के  l १९३४ क भूकंप एखनो याद द जायत अछि जेकर भरपाई नहि भ सकल l बिहार क सबसे भयंकर प्रलय मानल जायत अछि १९३४ क भूकंप जे  मिथिला के  भौगोलिक  रूप से दू फाँक मे क देलक वो त भाषा छल जे दुनु भाग के एक केने रहल  l  निर्मली-  भपटियाही रेल मार्ग ध्वस्त भ गेल जे एखन तक बनौल नहि जा सकल ,गोपालपुर घाट पूर्णिया राजमार्ग नहि रहल गुलाब बाग मंडी प्रभावित भेल  l  दरभंगा , मधुबनी क रेल आ सड़क सम्बन्ध सहरसा ,मधेपुरा ,सुपौल ,पूर्णिया ,कटिहार ,किसनगंज से तुइत गेल जेकर प्रभाव सोराठ सभा पर सेहो पडल lमिथिलाक वो भाग नजदिको रहयत दूर भ गेल l  कोशी क शोक कहि के  एतेक  प्रचारित भेल जे लोक बिसैर गेला जे वोहि झेत्र क अवनातिक मुख्य कारण १९३४ क भूकंप छल आ मुख्यतः मिथिलाक अवनति वोहि दिन से शरू भ गेल वो ते धन्यबाद देवाक चाही परम आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी क जे बिना कोनो मांग के  नार्थ ईस्ट कॉरिडोर मे  ई दुनु भाग के सड़क मार्ग से तथा कोशी पर रेल पुल क पुनर्निर्माण क योजना से रेल मार्ग से  मिथिला के जोड़ लैथ एकटा राजमार्ग सेहो मंजूर भेल अछि जे उमगाँव से मधुबनी – लोफा – महिषी –सहरसा से वस्तुतः सीताजी क जन्म स्थली से मंडन मिश्र क महिषी के अर्थात सीतामढ़ी –मधुबनी – सुपौल –सहरसा के जोरत l पूर्णिया हवाई अड्डा क पुनर्निर्माण सेहो अहि इलाका के जोडवा मे सहायक होयत ,दरभंगा हवाई अड्डा के खोल्वाक सेहो मांग भ रहल अछि  l महाराजाधिराज क सेहो ई सोच छल अहि से वो पहिल लोकसभा खास दरभंगा से नहि अपितु पूर्णिया दिस से लड्लैत l हम वस्तुतः पूर्णिया क श्रीनगर क स्व. कुमार गंगानंद सिन्हा के आभार व्यक्त करब जे अपन अंग्रेजी मे लिखल किताब “ दि  बिहार अर्थक्वेक एंड दि दरभंगा राज “ मे वो सब लिख्लैत जेकरा अपन मात्रभाषा मे हम रखवाक धृष्टता  अहि पोथी ‘बिहार क भूकंप अओर  दरभंगा राज ‘ मे  कायल ( उपसंहार छौड के) l सुधि पाठक क सुझाव ,आलोचना क आभारी रहब l
                                 रमन दत्त झा . 

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